लिट्टी-चोखा बन सकता है भारत का अगला Global Food Brand? Domino’s और McDonald’s से क्या सीख सकते हैं भारतीय उद्यमी?
बिहार और पूर्वांचल के पारंपरिक स्वाद को अंतरराष्ट्रीय पहचान देने का बिजनेस आइडिया
दुनिया के कई बड़े फूड ब्रांडों ने एक साधारण-से खाद्य उत्पाद को अपनी पहचान बनाया और फिर उसी पहचान के आधार पर अनेक शहरों तथा देशों में अपना व्यवसाय फैलाया। Domino’s ने पिज्जा को अपने व्यवसाय का केंद्र बनाया, McDonald’s ने बर्गर और Quick Service Restaurant (QSR) मॉडल को लोकप्रिय बनाया तथा KFC ने फ्राइड चिकन को अपनी वैश्विक ब्रांड पहचान का प्रमुख हिस्सा बनाया।
इन उदाहरणों से एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक विचार सामने आता है: किसी खाद्य उत्पाद का वैश्विक ब्रांड बनना केवल उसके स्वाद पर निर्भर नहीं करता। उत्पाद की विशिष्टता, गुणवत्ता में एकरूपता, ग्राहक का भरोसा, संचालन की व्यवस्था और विस्तार योग्य बिजनेस मॉडल भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं।
इसी संदर्भ में एक दिलचस्प प्रश्न उठता है—क्या बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश का पारंपरिक व्यंजन लिट्टी-चोखा भी एक संगठित भारतीय फूड ब्रांड बनकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान स्थापित कर सकता है?
यह विचार केवल एक रेस्तराँ खोलने का नहीं है। इसका उद्देश्य लिट्टी-चोखा को एक ऐसे ब्रांड के रूप में विकसित करने की संभावना पर विचार करना है, जिसे भारत के अलग-अलग शहरों से लेकर विदेशों तक पहुँचाया जा सके।
