IAS Career Journey: UPSC में चयन से Cabinet Secretary तक – पद, प्रमोशन, वेतन और पूरी नौकरी की जानकारी
भारतीय प्रशासनिक सेवा (Indian Administrative Service – IAS) देश की सबसे प्रतिष्ठित अखिल भारतीय सेवाओं (All India Services) में से एक है। IAS अधिकारी केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के प्रशासनिक ढाँचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिला प्रशासन चलाने से लेकर राज्य की नीतियों के क्रियान्वयन, मंत्रालयों के संचालन और राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्माण तक IAS अधिकारियों की जिम्मेदारियाँ फैली होती हैं।
अक्सर UPSC Civil Services Examination की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों और आम लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि IAS बनने के बाद अधिकारी को कौन-कौन से पद मिलते हैं? उसकी पहली पोस्टिंग कहाँ होती है? वह कब SDM, DM, Commissioner, Secretary या Chief Secretary बनता है? क्या हर IAS अधिकारी Cabinet Secretary बन सकता है? और पूरी सेवा के दौरान उसका वेतन कितना बढ़ता है?
इस लेख में IAS अधिकारी की चयन प्रक्रिया के बाद से लेकर सेवा के अंतिम चरण तक की करियर यात्रा, सामान्य पदोन्नति क्रम, वेतन स्तर और प्रशासनिक जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी गई है।
1. IAS अधिकारी बनने के लिए चयन प्रक्रिया
IAS अधिकारी बनने के लिए संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission – UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा (Civil Services Examination – CSE) में सफल होना होता है।
इस परीक्षा के तीन प्रमुख चरण होते हैं:
1. प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Examination): यह स्क्रीनिंग परीक्षा होती है। इसमें General Studies और CSAT के प्रश्नपत्र शामिल होते हैं।
2. मुख्य परीक्षा (Main Examination): इसमें लिखित वर्णनात्मक परीक्षा होती है। इसमें निबंध, सामान्य अध्ययन, वैकल्पिक विषय और अन्य निर्धारित प्रश्नपत्र शामिल होते हैं।
3. साक्षात्कार (Personality Test): मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों का व्यक्तित्व परीक्षण किया जाता है।
अंतिम मेरिट सूची, सेवा वरीयता (Service Preference), उपलब्ध रिक्तियों और अन्य निर्धारित नियमों के आधार पर अभ्यर्थियों को IAS, IPS, IFS तथा अन्य केंद्रीय सेवाओं में आवंटित किया जाता है।
IAS के लिए चयन होने के बाद अभ्यर्थी को संबंधित कैडर (Cadre) आवंटित किया जाता है। कैडर आवंटन के नियमों के अनुसार अधिकारी को किसी राज्य या संयुक्त कैडर में सेवा करनी होती है।
2. IAS चयन के बाद प्रशिक्षण (Training)
IAS में चयन होने के बाद अधिकारी को सीधे स्वतंत्र रूप से जिला प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं दी जाती। सबसे पहले उसे निर्धारित प्रशिक्षण प्राप्त करना होता है।
प्रशिक्षण का प्रमुख संस्थान लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (Lal Bahadur Shastri National Academy of Administration – LBSNAA), मसूरी है।
प्रशिक्षण में सामान्यतः निम्नलिखित चरण शामिल होते हैं:
- Foundation Course – विभिन्न सिविल सेवाओं के प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ आधारभूत प्रशिक्षण।
- IAS Professional Course – IAS अधिकारियों के लिए विशेष प्रशासनिक प्रशिक्षण।
- भारत दर्शन (Bharat Darshan) – विभिन्न राज्यों, संस्थानों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का अध्ययन।
- District Training – आवंटित कैडर के जिले में व्यावहारिक प्रशासनिक प्रशिक्षण।
- Phase-II Training – जिला प्रशिक्षण के अनुभव के बाद अकादमी में आगे का प्रशिक्षण।
प्रशिक्षण के दौरान कानून, संविधान, प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन, ग्रामीण विकास, आपदा प्रबंधन, सरकारी योजनाओं, लोक नीति और प्रशासनिक निर्णय लेने की प्रक्रिया का अध्ययन कराया जाता है।
प्रशिक्षण की अवधि और कार्यक्रम समय-समय पर संशोधित हो सकते हैं।
3. IAS अधिकारी की पहली नियुक्ति
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद IAS अधिकारी को अपने आवंटित कैडर में प्रारंभिक नियुक्तियाँ दी जाती हैं।
प्रारंभिक सेवा में अधिकारी को Assistant Collector, Assistant Magistrate अथवा Sub-Divisional Magistrate (SDM) जैसे पदों पर कार्य करने का अवसर मिल सकता है।
SDM के रूप में अधिकारी को एक उपखंड (Sub-Division) के प्रशासन की जिम्मेदारी दी जाती है।
उसकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल हैं:
- राजस्व प्रशासन और भूमि संबंधी मामलों की निगरानी।
- कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासनिक भूमिका।
- चुनाव संबंधी कार्य।
- आपदा और राहत प्रबंधन।
- सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी।
- विभिन्न विभागों के बीच समन्वय।
- निर्धारित कानूनों के अंतर्गत कार्यपालक मजिस्ट्रेट की शक्तियों का प्रयोग।
यह पद IAS अधिकारी को जमीनी प्रशासन और जनता की समस्याओं को समझने का व्यावहारिक अनुभव देता है।
4. IAS अधिकारी की सामान्य पदोन्नति और करियर टाइमलाइन
IAS अधिकारी की पदोन्नति निर्धारित सेवा अवधि, पात्रता, प्रदर्शन, APAR, सतर्कता स्थिति, चयन प्रक्रिया और लागू सरकारी नियमों के अधीन होती है।
IAS Pay Rules में विभिन्न वेतन स्तरों के लिए न्यूनतम अर्हक सेवा अवधि निर्धारित है। सामान्य पदोन्नति क्रम इस प्रकार समझा जा सकता है:
| सेवा अवधि (लगभग) | वेतन स्तर | सामान्य ग्रेड |
|---|---|---|
| प्रारंभिक नियुक्ति | Level 10 | Junior Time Scale |
| 4 वर्ष | Level 11 | Senior Time Scale |
| 9 वर्ष | Level 12 | Junior Administrative Grade |
| 13 वर्ष | Level 13 | Selection Grade |
| 16 वर्ष | Level 14 | Super Time Scale |
| 25 वर्ष | Level 15 | Above Super Time Scale |
| विशेष चयन/पात्रता | Level 17 | Apex Scale |
| विशेष सर्वोच्च पद | Level 18 | Cabinet Secretary Scale |
यह तालिका वेतनमान एवं सामान्य पात्रता का संकेत देती है, न कि प्रत्येक अधिकारी की निश्चित पदस्थापना का। वास्तविक पदोन्नति और वेतन निर्धारण लागू नियमों, समीक्षा तथा सक्षम प्राधिकारी के निर्णय पर निर्भर करते हैं।
5. SDM से District Magistrate (DM) तक की यात्रा
IAS अधिकारी की करियर यात्रा में जिला प्रशासन सबसे महत्वपूर्ण अनुभवों में से एक माना जाता है।
(क) Sub-Divisional Magistrate (SDM)
SDM उपखंड स्तर पर प्रशासनिक और निर्धारित कार्यपालक मजिस्ट्रेट संबंधी जिम्मेदारियाँ निभाता है। वह जिला प्रशासन और स्थानीय जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी होता है।
(ख) Additional District Magistrate (ADM)
ADM जिला मजिस्ट्रेट की सहायता करता है। उसे राजस्व, कानून एवं व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, प्रशासनिक समन्वय या अन्य विभागीय जिम्मेदारियाँ सौंपी जा सकती हैं।
(ग) Chief Development Officer (CDO)
कुछ राज्यों में CDO ग्रामीण विकास और जिला विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वह पंचायत, ग्रामीण विकास, सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का समन्वय करता है।
(घ) District Magistrate (DM) / District Collector
DM या District Collector जिले का प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी होता है। अलग-अलग राज्यों में पदनाम और जिम्मेदारियों में अंतर हो सकता है।
DM की प्रमुख जिम्मेदारियाँ हैं:
- जिले में कानून एवं व्यवस्था की प्रशासनिक निगरानी।
- राजस्व प्रशासन।
- चुनाव संचालन और संबंधित प्रशासनिक दायित्व।
- आपदा प्रबंधन।
- सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन।
- विभिन्न जिला स्तरीय विभागों के बीच समन्वय।
- राज्य सरकार के निर्देशों का जिला स्तर पर अनुपालन।
DM का पद IAS अधिकारी के करियर में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वाला पद है। हालांकि प्रत्येक IAS अधिकारी को अनिवार्य रूप से DM बनाया जाए, ऐसा कोई सार्वभौमिक नियम नहीं है।
6. जिला प्रशासन के बाद IAS अधिकारी के अन्य पद
जिला स्तर पर अनुभव प्राप्त करने के बाद अधिकारी को राज्य सचिवालय, विभागीय प्रशासन, मंडलीय प्रशासन या अन्य संस्थानों में नियुक्त किया जा सकता है।
इनमें प्रमुख पद हैं:
Divisional Commissioner (मंडलायुक्त): एक मंडल के अंतर्गत आने वाले कई जिलों के प्रशासनिक कार्यों की निगरानी और समन्वय करता है। यह पद सभी राज्यों में एक समान संरचना में नहीं होता।
Director: किसी सरकारी विभाग, निदेशालय या विशेष कार्यक्रम का प्रशासनिक नेतृत्व करता है।
Special Secretary: राज्य सरकार के किसी विभाग में वरिष्ठ प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाता है।
Secretary: किसी विभाग की नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और सरकारी कार्यक्रमों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Commissioner: विभाग या प्रशासनिक क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग जिम्मेदारियों वाला पद है। उदाहरण के लिए Commercial Tax Commissioner, Municipal Commissioner या अन्य विभागीय Commissioner।
इन पदों पर नियुक्ति अधिकारी के अनुभव, कैडर की व्यवस्था और सरकार की प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार होती है।
7. राज्य सरकार में IAS अधिकारी के वरिष्ठ पद
सेवा के आगे के चरणों में IAS अधिकारी राज्य सरकार के उच्च प्रशासनिक पदों पर नियुक्त हो सकते हैं।
(क) Secretary to Government
राज्य सरकार के किसी विभाग में Secretary विभागीय प्रशासन और नीतिगत निर्णयों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
(ख) Principal Secretary
Principal Secretary वरिष्ठ प्रशासनिक पद है। वह किसी महत्वपूर्ण विभाग का प्रशासनिक नेतृत्व कर सकता है और विभागीय नीतियों के निर्माण तथा क्रियान्वयन में योगदान देता है।
(ग) Additional Chief Secretary
यह राज्य सरकार के वरिष्ठतम प्रशासनिक पदों में से एक है। अधिकारी को महत्वपूर्ण विभागों, प्रशासनिक समन्वय और नीति संबंधी जिम्मेदारियाँ दी जा सकती हैं।
(घ) Chief Secretary
Chief Secretary राज्य सरकार का सर्वोच्च प्रशासनिक पद होता है। वह राज्य के प्रशासनिक तंत्र में मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद को महत्वपूर्ण प्रशासनिक सहयोग देता है।
Chief Secretary की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल हैं:
- राज्य के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय।
- महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णयों में सहायता।
- वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यों की निगरानी।
- राज्य सरकार की नीतियों के क्रियान्वयन में समन्वय।
- सचिव स्तर की बैठकों और प्रशासनिक मामलों का संचालन।
सामान्यतः Chief Secretary का चयन राज्य के वरिष्ठ और पात्र IAS अधिकारियों में से किया जाता है। यह पद केवल सेवा के वर्षों के आधार पर स्वतः प्राप्त नहीं होता।
8. केंद्र सरकार में IAS अधिकारी की नियुक्ति (Central Deputation)
IAS अधिकारी केवल राज्य सरकार में ही कार्य नहीं करते। उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत केंद्र सरकार में भी प्रतिनियुक्ति (Central Deputation) पर नियुक्त किया जा सकता है।
केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों में उन्हें विभिन्न पदों पर काम करने का अवसर मिलता है।
केंद्र सरकार के प्रमुख पद
Director: किसी मंत्रालय या विभाग में नीति, कार्यक्रम और प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी निभाता है।
Joint Secretary: मंत्रालय के किसी महत्वपूर्ण विभाग या कार्यक्षेत्र का नेतृत्व करता है। नीति निर्माण, प्रशासनिक निर्णय और योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Additional Secretary: मंत्रालय में वरिष्ठ प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ निभाता है और महत्वपूर्ण नीतिगत विषयों का संचालन कर सकता है।
Special Secretary: कुछ मंत्रालयों में यह वरिष्ठ स्तर का पद होता है। इसकी स्थिति और जिम्मेदारियाँ संबंधित प्रशासनिक व्यवस्था पर निर्भर करती हैं।
Secretary to Government of India: केंद्र सरकार के मंत्रालय या विभाग का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होता है। वह संबंधित मंत्री को नीतिगत और प्रशासनिक मामलों में सलाह देता है तथा मंत्रालय के कार्यों का संचालन करता है।
Cabinet Secretary: भारत सरकार का सर्वोच्च प्रशासनिक पद है। Cabinet Secretary केंद्रीय मंत्रिमंडल और विभिन्न मंत्रालयों के बीच प्रशासनिक समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
9. Cabinet Secretary बनने की प्रक्रिया
Cabinet Secretary भारत सरकार का सर्वोच्च सिविल सेवक और Cabinet Secretariat का प्रशासनिक प्रमुख होता है।
इस पद पर सामान्यतः अत्यंत वरिष्ठ IAS अधिकारी की नियुक्ति की जाती है।
Cabinet Secretary की भूमिका में शामिल हैं:
- केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रशासनिक कार्यों में समन्वय।
- विभिन्न मंत्रालयों के बीच महत्वपूर्ण विषयों पर तालमेल।
- सरकार के उच्चस्तरीय प्रशासनिक निर्णयों में सहयोग।
- Cabinet Secretariat का नेतृत्व।
- केंद्र सरकार के प्रशासनिक तंत्र में समन्वय।
Cabinet Secretary का पद IAS अधिकारियों के लिए एक विशेष सर्वोच्च करियर अवसर है। लेकिन प्रत्येक IAS अधिकारी इस पद तक पहुँचे, यह आवश्यक नहीं है। इसके लिए चयन, वरिष्ठता, उपयुक्तता और सरकार का निर्णय महत्वपूर्ण होता है।
10. IAS अधिकारी का वेतन और Pay Level
IAS अधिकारियों का वेतन सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के वेतन मैट्रिक्स और IAS Pay Rules के अनुसार निर्धारित होता है। नीचे प्रमुख वेतन स्तरों के मूल वेतन (Basic Pay) की जानकारी दी गई है।
| Pay Level | ग्रेड | प्रारंभिक Basic Pay |
|---|---|---|
| Level 10 | Junior Time Scale | ₹56,100 |
| Level 11 | Senior Time Scale | ₹67,700 |
| Level 12 | Junior Administrative Grade | ₹78,800 |
| Level 13 | Selection Grade | ₹1,18,500 |
| Level 14 | Super Time Scale | ₹1,44,200 |
| Level 15 | Above Super Time Scale | ₹1,82,200 |
| Level 17 | Apex Scale | ₹2,25,000 |
| Level 18 | Cabinet Secretary Scale | ₹2,50,000 |
ये संबंधित वेतन स्तरों के शुरुआती Basic Pay हैं, न कि हर अधिकारी का वास्तविक मासिक वेतन।
वास्तविक वेतन में निम्नलिखित घटक शामिल हो सकते हैं:
- Basic Pay
- Dearness Allowance (DA)
- House Rent Allowance (HRA), जहाँ लागू हो
- Transport Allowance, जहाँ लागू हो
- अन्य अनुमन्य भत्ते
सरकारी आवास, वाहन, सुरक्षा और अन्य सुविधाएँ पद, नियुक्ति स्थान तथा लागू सरकारी नियमों के अनुसार मिलती हैं। सभी अधिकारियों को हर सुविधा समान रूप से नहीं मिलती।
11. IAS अधिकारी की सेवा अवधि और पदोन्नति में अंतर
IAS करियर को समझते समय दो बातों में अंतर करना जरूरी है।
पहली है Pay Grade या वेतनमान में प्रगति। दूसरी है वास्तविक प्रशासनिक पद पर नियुक्ति।
उदाहरण के लिए कोई अधिकारी निर्धारित सेवा अवधि पूरी करने के बाद Selection Grade या Super Time Scale के लिए पात्र हो सकता है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि उसी समय वह अनिवार्य रूप से DM, Commissioner या Secretary बन जाएगा।
किसी पद पर नियुक्ति निम्नलिखित बातों पर निर्भर कर सकती है:
- संबंधित पद की उपलब्धता।
- अधिकारी की वरिष्ठता और उपयुक्तता।
- APAR और अन्य सेवा रिकॉर्ड।
- सतर्कता स्थिति और निर्धारित स्क्रीनिंग।
- कैडर की प्रशासनिक आवश्यकताएँ।
- राज्य या केंद्र सरकार का नियुक्ति संबंधी निर्णय।
इसलिए IAS अधिकारियों की पदोन्नति और वास्तविक पोस्टिंग की समय-सीमा अलग-अलग हो सकती है।
12. IAS और IPS के करियर में अंतर
IAS और IPS दोनों अखिल भारतीय सेवाएँ हैं, लेकिन दोनों की प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ अलग हैं।
IAS अधिकारी मुख्यतः सामान्य प्रशासन, नीति निर्माण, राजस्व प्रशासन, विकास योजनाओं और सरकारी विभागों के संचालन से जुड़े होते हैं।
IPS अधिकारी मुख्यतः पुलिस प्रशासन, कानून एवं व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, आंतरिक सुरक्षा और पुलिस बल के नेतृत्व से जुड़े होते हैं।
IAS अधिकारी DM, Secretary और Chief Secretary जैसे पदों पर कार्य कर सकते हैं, जबकि IPS अधिकारी SP, DIG, IG, ADG और DGP जैसे पुलिस प्रशासन के पदों पर कार्य करते हैं।
दोनों सेवाओं के अपने अलग-अलग सेवा नियम, कैडर संरचना और पदोन्नति व्यवस्था होती है।
13. क्या प्रत्येक IAS अधिकारी DM, Chief Secretary या Cabinet Secretary बन सकता है?
नहीं। IAS में चयन होने का अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक अधिकारी को अपने करियर में सभी प्रमुख पदों पर नियुक्ति मिलेगी।
उदाहरण के लिए:
- प्रत्येक IAS अधिकारी को DM बनने का अवसर मिले, यह अनिवार्य नहीं है।
- प्रत्येक अधिकारी Divisional Commissioner या Principal Secretary बने, यह आवश्यक नहीं है।
- Chief Secretary का पद सीमित होता है और राज्य सरकार के चयन पर निर्भर करता है।
- Cabinet Secretary का पद पूरे देश में एक ही होता है।
IAS अधिकारियों का करियर उनकी सेवा अवधि, कैडर, अनुभव, उपलब्ध पदों और प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
14. IAS अधिकारी कितने वर्षों तक सेवा करता है?
IAS अधिकारियों की सामान्य सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष होती है। उनकी वास्तविक सेवा अवधि नियुक्ति के समय की आयु और लागू सेवा नियमों पर निर्भर करती है।
एक अधिकारी सामान्यतः लगभग 35 से 37 वर्ष तक सेवा कर सकता है, लेकिन यह अवधि उसकी आयु और सेवा में प्रवेश के समय पर निर्भर करती है।
सेवा के अंतिम चरण में अधिकारी वरिष्ठ प्रशासनिक पदों पर काम कर सकते हैं। कुछ अधिकारियों को विशेष परिस्थितियों में निर्धारित नियमों के अनुसार सेवा विस्तार भी मिल सकता है।
15. निष्कर्ष
IAS अधिकारी का करियर केवल UPSC परीक्षा पास करने या DM बनने तक सीमित नहीं है। यह एक लंबी प्रशासनिक यात्रा है जिसमें अधिकारी को जिला प्रशासन, राज्य सचिवालय, विभागीय नेतृत्व, केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्माण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में काम करने का अवसर मिलता है।
प्रारंभिक वर्षों में अधिकारी जमीनी प्रशासन को समझता है। आगे चलकर उसे विभागीय और नीतिगत जिम्मेदारियाँ मिल सकती हैं। वरिष्ठता और चयन के आधार पर वह Principal Secretary, Additional Chief Secretary, Chief Secretary या केंद्र सरकार में Secretary जैसे पदों तक पहुँच सकता है।
Cabinet Secretary इस सेवा का एक विशिष्ट सर्वोच्च पद है, लेकिन वहाँ तक पहुँचना प्रत्येक IAS अधिकारी के लिए सुनिश्चित नहीं है।
इस प्रकार IAS सेवा एक ऐसा करियर है जिसमें प्रशासनिक क्षमता, अनुभव, निष्पक्षता, नेतृत्व, संवैधानिक मूल्यों और जनसेवा की भावना का निरंतर परीक्षण होता रहता है।
महत्वपूर्ण आधिकारिक स्रोत
इस विषय की अधिकृत और अद्यतन जानकारी के लिए निम्नलिखित सरकारी संस्थानों और दस्तावेजों को प्राथमिकता दें:
- Union Public Service Commission (UPSC) – Civil Services Examination की अधिसूचनाएँ।
- Department of Personnel and Training (DoPT) – IAS Cadre Management और सेवा संबंधी आदेश।
- IAS (Pay) Rules, 2016 तथा उसके संशोधन।
- IAS (Cadre) Rules, 1954।
- Lal Bahadur Shastri National Academy of Administration (LBSNAA) – प्रशिक्षण संबंधी जानकारी।
- Cabinet Secretariat – Cabinet Secretary और केंद्रीय प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी।
अस्वीकरण: यह लेख IAS सेवा की सामान्य करियर संरचना को समझाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। वास्तविक पदस्थापना, पदोन्नति, वेतन, सुविधाएँ और सेवा शर्तें संबंधित समय पर लागू सरकारी नियमों एवं आदेशों के अनुसार निर्धारित होती हैं।
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